Thursday, July 14, 2016

करोड़ों खर्च, फिर भी बीमार वसई-विरार

वसई-विरार
विरार
सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाली वसई-विरार मनपा (वीवीएमसी) का स्वास्थ्य विभाग खुद बीमार नजर आ रहा है। कई बार साफ-सफाई के बावजूद जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा हुआ है। 'स्वच्छ भारत, स्वच्छ वसई' का नारा देने वाली वीवीएमसी की साफ-सफाई महज कागजों में ही सिमटी दिखाई दे रही है। मनपा को शहर से रोजाना हजारों टन कचरा उठाने वाले अपने सफाईकर्मियों के स्वास्थ्य का भी ख्याल नहीं है। मनपा में फिलहाल लगभग तीन हजार सफाईकर्मी ठेके पर काम कर रहे हैं, पर ठेकेदारों द्वारा इन्हें सेफ्टी किट उपलब्ध नहीं कराया गया है। ये कर्मचारी शहर का कचरा बिना ग्लब्स, फेसमास्क, गम बूट, रेनकोट के ही उठा रहे हैं। विभागीय शिथिलता के कारण केंद्र सरकार की स्वच्छता मुहिम धूल-धूसरित होती दिखाई दे रही है।
कागजों में करोड़ों का खर्च
केंद्र सरकार ने वीवीएमसी को स्वच्छ भारत अभियान के तहत लगभग 9 करोड़ रुपये निधि दी गई है। इन रुपयों का निवेश स्वच्छता अभियान के तहत साफ-सफाई पर होना है। पर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था देखकर तो यही लगता है कि सफाई का सारा काम कागजों पर ही सिमट कर रह गया है। शहर के प्राय: सभी इलाकों में बार साफ-सफाई के दावे के बावजूद गंदगी बरकरार है। सड़कों, गलियों खासकर चॉल वाले क्षेत्रों में अब भी कचरे के ढेर लगे हुए हैं।
कीट नाशक का छिड़काव नहीं
गंदगी की वजह से क्षेत्र में मच्छर बड़ी तेजी से पनप रहे हैं, जिससे घातक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। पर इससे बेपरवाह मनपा गंदगी वाले क्षेत्रों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं कर सकी है।
बिना किट सफाईकर्मी
वसई-विरार शहर मनपा सफाई अभियान में करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन यहां के 6 सौ सफाई कर्मचारियों में ज्यादातर बिना सुरक्षा किट के काम कर रहे हैं। इनके पास हैंड ग्लब्स, फेस मास्क, गमबूट व रेनकोट जैसी जरूरी चीजें नहीं है। सफाईकर्मियों की मानें तो ये लोग किसी तरह की सुरक्षा के बगैर रोजाना शहर से हजारों टन कचरा उठा रहे हैं।
अधिक गंदगी वाले क्षेत्र
तालुका में सबसे अधिक गंदगी वाले क्षेत्रों में वसई पूर्व के सातीवली, भोयदापाडा, चिंचपाड़ा, वसई पश्चिम में सब्जी मार्केट, अंबाड़ी रोड, पापड़ी गांव, वसई कोली वाडा, नालासोपारा पूर्व के संतोष भवन, बिलाल पाडा, धानिवबाग, श्रीराम नगर, गोराई पाडा, सेंट्रल पार्क, प्रगति नगर, नारिया नगर, पश्चिम के हनुमान नगर, सोपारा गांव, टाकी पाडा, स्टेशन परिसर, विरार पूर्व का कारगिल नगर, मनवेल पाडा, सहकार नगर, कातकरी पाडा एवं पश्चिम का डोंगर पाडा, स्टेशन परिसर, बोलींज नाका आदि क्षेत्र शामिल हैं।
विरार के स्थानीय रहिवासी हर्ष नारायण सिंह का कहना है कि मनपा के सफाई कर्मचारी क्षेत्र में आते जरूर हैं, मगर सही ढंग से सफाई नहीं करते। आधा कचरा वहीं छोड़कर चले जाते हैं। सड़े हुए कचरे की दुर्गंध से रहिवासियों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। शिवसेना के नगरसेवक धनंजय गावडे कहते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत के तहत वीवीएमसी को दी गई निधि में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। मनपा क्षेत्र में ठीक से साफ-सफाई नहीं की जा रही है। ज्यादातर मनपा सफाई ठेकेदार मनपा अधिकारियों एवं बहुजन विकास आघाड़ी के नगरसेवकों के रिश्तेदार हैं। नतीजतन उन्हें किसी का भय नहीं है। वीवीएमसी के सहायक आयुक्त सुखदेव दर्वेशी ने कहा कि हमारी तरफ से सफाई कर्मचारियों को हर सुविधा मुहैया कराई गयी है। फिलहाल जहां गंदगी की शिकायत मिल रही है, वहां साफ-सफाई की जाएगी।
प्रस्तुति : सुरेंद्र नेगी, नवभारत टाइम्स| Jul 14, 2016, 04.15 AM IST

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